आज तू मयस्सर नहीं मेरे रूबरू तनहा शायर हूँ आज तू मयस्सर नहीं मेरे रूबरू तनहा शायर हूँ
अब रोता क्यों है... तनहा शायर हूँ अब रोता क्यों है... तनहा शायर हूँ
मांगा जो खुदा से"रोहित"ये जहां मैं, कुबूल ए दुआ हो तुम...... मांगा जो खुदा से"रोहित"ये जहां मैं, कुबूल ए दुआ हो तुम......